विद्या बालन ने अमेजन के स्टैंड फॉर हैंडमेड पहल की सराहना की

                     


विद्या बालन ने अमेजन के स्टैंड फॉर हैंडमेड पहल की सराहना की, हाल में आई चुनौतियों से बाहर निकलने वाले, 10 लाख से अधिक कारीगरों, बुनकरों और महिला उद्यमियों की मदद के लिए डिजाइन की गई पहल


मुंबई : बहुप्रतीक्षित फिल्म शकुंतला देवी में मुख्य भूमिका निभाने वाली स्टार विद्या बालन 31 जुलाई 2020 को निर्धारित फिल्म के अमेजन प्राइम वीडियो वैश्विक प्रीमियर पर विशेष रूप से मौजूद रहेंगी विद्या बालन ने एक वर्चुअल इवेंट में अमेजन के सहेली और कारीगर प्रोग्राम की महिला उद्यमियों और कारीगरों के साथ बातचीत की, और कंपनी की स्टैंड फॉर हैंडमेड पहल की सराहना की। करीब एक महीने पहले शुरू की गई, अमेजन की स्टैंड फॉर हैंडमेड पहल का उद्देश्य कोविड-19 के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट से उबरने वाले, 10 लाख से अधिक उद्यमियों की मदद करना है, जिसमें अमेजन कारीगर के कारीगर और बुनकर तथा अमेजन सहेली की महिला उद्यमी शामिल हैं।


प्रणव भसीन, डायरेक्टर-सेलर एक्सपीरियंस, अमेजन इंडिया ने बताया कि हम महिला उद्यमियों और कारीगर समुदाय को व्यापार करने में मदद करने और हाल की चुनौतियों से उबारने के लिए प्रतिबद्ध हैं। स्टैंड फॉर हैंडमेड के साथ हम अमेजन डॉट इन पर महिला उद्यमियों और कारीगरों द्वारा पेश किए गए उत्पादों और उनके काम को अधिक से अधिक लोगों की नजरों में लाने के लिए काम कर रहे हैं, और उन्हें 100ः एसओए फीस माफी के साथ कार्यशील पूंजी की जरूरत पूरा करने में मदद कर रहे है मैं इस पहल को अपना समर्थन देने के लिए सुश्री विद्या बालन को धन्यवाद देना चाहूँगा इस पहल से कला और शिल्प के साथ-साथ उस कला एवं शिल्प के पीछे काम करने वाले कारीगरों के बारे में भी जागरूकता बढ़ेगी। 


अमेजन डॉट इन पर ‘रोशनी’ के ब्रांड नाम के तहत दस्तकारी वाले एपैरल की बिक्री करने वाली सुनीता बाली कहती हैं कि “सुश्री विद्या बालन के साथ बात करना प्रेरणादायक है और अपने सपनों को साकार करने के जुनून में लगे रह कर सफलता हासिल करने के तरीकों के बारे में विद्या बालन से चर्चा करना भी प्रेरित करने वाला है इसी जुनून के मुझे ‘रोशनी’ की स्थापना करने में हिमाचल प्रदेश के बुनकरों और कारीगरों के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया है शुरू में हम प्रदर्शनियों और व्यापार मेलों में अपने उत्पााद की बिक्री करते थे, लेकिन अब अमेजन कारीगर के समर्थन से, हम हिमाचल के कुछ दूरदराज के गाँवों में तैयार किये गये हस्तनिर्मित अनोखे उत्पादों का प्रदर्शन पूरे भारत के ग्राहकों के लिए कर रहे हैं।


विद्या बालन ने कहा कि भारत में बहुत सारी कलाकृतियों का घर है। भारत के बुनकर, कारीगर और उनकी कृतियाँ भारत की विरासत और हमारे दैनिक जीवन का एक हिस्सा हैं पिछले कुछ महीने उनके लिए एक अभूतपूर्व चुनौती बन कर आए हैं और इन कठिन समय में हमें उनका प्रोत्साहन और समर्थन करना चाहिए मैं अमेजन द्वारा इस पहल के माध्यम से उन्हें सशक्त बनाने के प्रयासों की सराहना करती हूँ मैं स्टैंड फॉर हैंडमेड के साथ हूँ हजारों महिला उद्यमियों की भावना शकुंतला देवी की कृतज्ञता, दृढ़ संकल्प और अपने सपनों को साकार करने की राह में आने वाली सभी बाधाओं को दूर  करने के जुनून में झलकती है मैंने विशेष रूप से कारीगरों द्वारा बनाये गये केवल हस्तनिर्मित कपड़े पहने हैं, जो शकुंतला देवी के प्रचार के माध्यम से भारत की कला और शिल्प की समृद्ध विरासत की तरफ ध्यान आकर्षित करने का मेरा विनम्र प्रयास है।
बातचीत के दौरान, विद्या बालन ने भारतीय वस्त्रों, कला और शिल्प के प्रति अपने प्यार के बारे में बात की, और उन्होंने यह भी बताया  कि अमेजन देश भर के कारीगरों और उपभोक्ताओं के बीच की खाई को सफलतापूर्वक मिटा रहा है और समय की मांग को पूरा कर रहा है उन्होंने कहा कि यह हमारी विरासत है और हमें इसे महत्व देने की जरूरत है। बातचीत में शामिल महिला उद्यमियों ने आगे इस बात पर चर्चा की कि कैसे वे स्वतयं अपने घर के बने उत्पादों को दुनिया भर के ग्राहकों तक ले जाना चाहती हैं और भारत को गर्व महसूस कराना चाहती हैं, जिसकी विद्या ने सराहना करते हुए कहा कि “अगर भरोसा हो तो बंद दरवाजे भी खुल जाते जाते हैं।